दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दीपके ने लगाए आरोप, बोले- वीडियो में शामिल अहम हिस्से को किया गया गायब

अभिजीत दीपके ने अपनी दादी के निधन की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से जारी वीडियो में बातचीत का एक अहम हिस्सा शामिल नहीं किया गया। यह विवाद उस समय सामने आया, जब दिल्ली पुलिस ने सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा।
दीपके का कहना है कि उस समय वह अपने परिवार से संपर्क करना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसके लिए जरूरी सुविधा नहीं मिली। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का दावा है कि उन्हें दुखद समाचार देने के बाद हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई थी।
परिवार से बात करने के लिए फोन मांगा था: अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्होंने अपने उस कजिन से संपर्क करने की अनुमति मांगी थी, जो उनकी दादी के साथ रहता था। उनका कहना है कि उन्होंने केवल कुछ मिनट के लिए अपना फोन इस्तेमाल करने की मांग की थी, ताकि वह अपने कजिन का नंबर निकाल सकें और उससे बात कर सकें।
दीपके ने सवाल उठाया कि उन्हें अपना फोन इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने वकील से बातचीत करने की इच्छा जताई, तो उनकी इस मांग को भी स्वीकार नहीं किया गया।
उनके मुताबिक, परिवार में हुई इस दुखद घटना के समय वह अपने करीबी लोगों से संपर्क करना चाहते थे। ऐसे में उन्हें फोन इस्तेमाल करने और कानूनी सहायता के लिए बातचीत करने की अनुमति नहीं मिलने से परेशानी हुई।
‘सुबह साढ़े तीन बजे पिता को फोन करने के लिए कहा’
दीपके ने अपने बयान में रात के समय हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह करीब 3:30 बजे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उनसे अपने पिता को फोन करके यह बताने के लिए कहा कि अगले दिन उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ सकता है।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार पहले से ही उनकी दादी के निधन के कारण दुखी था। ऐसे समय में उनके माता-पिता को इतनी सुबह फोन करने के लिए कहने का उद्देश्य क्या था?
दीपके ने यह भी पूछा कि हाल ही में परिवार के एक सदस्य को खोने के बाद उनके परिजनों को और कितनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह उस समय पुलिस के व्यवहार और परिवार से संपर्क करने के तरीके को लेकर नाराज हैं।
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के आरोपों को किया खारिज
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जैसे ही अधिकारियों को अभिजीत दीपके की दादी के निधन की जानकारी मिली, उन्हें यह दुखद समाचार बताने के लिए पुलिसकर्मी उनके पास पहुंचे।
पुलिस के अनुसार, सूचना देने के बाद दीपके से उनकी जरूरतों के बारे में पूछा गया। अधिकारियों ने कथित तौर पर उनसे यह जानने की कोशिश की कि उन्हें परिवार से संपर्क करने, फोन कॉल करने या यात्रा के लिए फ्लाइट की व्यवस्था कराने जैसी किसी सहायता की जरूरत तो नहीं है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस दौरान संवेदनशीलता के साथ उनसे बातचीत की गई। अधिकारियों ने उनके माता-पिता से संपर्क कराने के बारे में भी पूछा। पुलिस के मुताबिक, दुखद समाचार मिलने के बाद उन्हें स्थिति को समझने और खुद को संभालने के लिए समय दिया गया। इसके बाद दोबारा उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई।
वीडियो जारी कर पुलिस ने पेश किया अपना पक्ष
दिल्ली पुलिस ने अपने दावों के समर्थन में एक वीडियो भी जारी किया। इस वीडियो में पुलिसकर्मी अभिजीत दीपके से बातचीत करते और उनसे संपर्क एवं समन्वय से जुड़ी जानकारी लेते दिखाई देते हैं। वीडियो में दीपके दुखद समाचार सुनने के बाद भावुक नजर आते हैं।
पुलिस ने इस वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटनाक्रम को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, वीडियो से यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि दीपके को सूचना देने के बाद उनकी सहायता के लिए कदम उठाए गए थे।
हालांकि, दीपके ने पुलिस के इस पक्ष पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि जारी वीडियो में बातचीत का वह हिस्सा नहीं दिखाया गया, जिसमें उन्होंने फोन इस्तेमाल करने और वकील से बात करने की अनुमति मांगी थी।
क्या है पूरे मामले का विवाद?
इस पूरे विवाद के केंद्र में अभिजीत दीपके की दादी के निधन की सूचना देने के बाद हुई बातचीत और उस दौरान उन्हें उपलब्ध कराई गई सहायता को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं।
एक तरफ दीपके फोन इस्तेमाल करने, अपने कजिन से संपर्क करने और वकील से बातचीत की अनुमति नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्हें दुखद समाचार देने के बाद परिवार से संपर्क कराने और दूसरी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की गई थी।
फिलहाल, दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम को लेकर मतभेद सामने आए हैं। वीडियो में दिखाई देने वाली बातचीत और दीपके की ओर से उठाए गए सवाल इस विवाद के प्रमुख पहलू हैं। पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आने के लिए दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन जरूरी है।
