कानपुर के ऐतिहासिक अखाड़े में आज दंगल, नेपाल-भूटान के पहलवानों समेत देशभर के पहलवान भिड़ेंगे

 

कानपुर में सावन के दूसरे सोमवार यानी 10 अगस्त को कुश्ती प्रेमियों के लिए खास दिन रहने वाला है। नवाबगंज स्थित जागेश्वर धाम परिसर के ऐतिहासिक अखाड़े में सोमवार को 309वें दंगल का आयोजन किया जा रहा है। इस पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के अलग-अलग राज्यों के अलावा नेपाल और भूटान से भी पहलवान पहुंच रहे हैं।

दंगल में महिला पहलवान भी अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगी। मुकाबलों को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। आयोजकों ने अलग-अलग कुश्तियों के लिए पुरस्कार राशि तय की है। सबसे बड़े मुकाबले के विजेता को 1 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

भूटान के पहलवान चिमचिम डोगरा होंगे आकर्षण

इस बार दंगल में भूटान से आने वाले पहलवान चिमचिम डोगरा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। उन्हें अपनी तेज-तर्रार और फुर्तीली कुश्ती शैली के लिए जाना जाता है। अखाड़े में उनके मुकाबले को देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्सुकता है।

नेपाल से भी कई चर्चित पहलवान प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। इनमें शंकर थापा, देवा थापा, लकी थापा और मेवा थापा के नाम शामिल हैं।

नेपाल और भूटान के पहलवानों के अलावा उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से पहलवान दंगल में अपना दमखम दिखाएंगे।

1 लाख रुपये का होगा सबसे बड़ा इनाम

दंगल में कई श्रेणियों में कुश्ती मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। इनमें अलग-अलग मुकाबलों के लिए अलग पुरस्कार राशि रखी गई है। सबसे प्रतिष्ठित कुश्ती के विजेता को एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

आयोजकों के मुताबिक मुकाबलों में पुरुष पहलवानों के साथ महिला पहलवान भी हिस्सा लेंगी। इससे इस साल का दंगल और भी खास बन गया है।

300 साल से ज्यादा पुराना है अखाड़ा

जागेश्वर धाम परिसर का यह अखाड़ा कानपुर की पुरानी कुश्ती परंपरा से जुड़ा हुआ है। दंगल के संयोजक जितेंद्र उर्फ जीतू पांडेय के मुताबिक, बुजुर्गों से सुनने को मिलता रहा है कि उत्तर प्रदेश में कुश्ती के शुरुआती अखाड़ों में जागेश्वर धाम का यह अखाड़ा प्रमुख रहा है।

बताया जाता है कि यहां करीब तीन शताब्दी पहले दंगल की परंपरा शुरू हुई थी। इसी वजह से आज आयोजित होने वाला मुकाबला 309वें दंगल के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

नाना राव पेशवा और रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी हैं यादें

इस अखाड़े को लेकर कई ऐतिहासिक किस्से भी प्रचलित हैं। आयोजकों के अनुसार, नाना राव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई और स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद भी यहां कुश्ती के दांव-पेंच आजमाते थे।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण जागेश्वर धाम का अखाड़ा सिर्फ कुश्ती प्रतियोगिताओं का मैदान नहीं बल्कि कानपुर की पुरानी खेल और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

कई राज्यों से पहुंचेंगे नामी पहलवान

दंगल में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई पहलवानों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इनमें हिमाचल के बाबा लाड़ी, हरियाणा के बिल्ला पहलवान, पंजाब के विक्की पहलवान, हरिद्वार के राहुल पांडेय, पंजाब के बग्गा, अंबाला के सोनू, राजस्थान के शमशेर, दिल्ली के मोंटी पहलवान, महाराष्ट्र के नकाबपोश पहलवान, जम्मू के बाबर पहलवान और कुकड़ामंडी के टाइगर पहलवान शामिल हैं।

इन पहलवानों के बीच होने वाले मुकाबलों को लेकर दर्शकों में उत्साह बना हुआ है।

महिला पहलवान भी दिखाएंगी कुश्ती के दांव

इस बार दंगल में महिला पहलवानों की भागीदारी भी देखने को मिलेगी। गाजीपुर की बाबी और गाजियाबाद की ब्यूटी पहलवान प्रतियोगिता में उतरेंगी।

स्थानीय स्तर पर कानपुर की संजू और बालचंद्र पहलवान भी मुकाबले में शामिल होंगे। वहीं उन्नाव से सुरेंद्र और मनीष पहलवान अखाड़े में अपने दांव-पेंच दिखाएंगे।

सावन के सोमवार पर जुटेगी बड़ी भीड़

सावन के दूसरे सोमवार को जागेश्वर धाम में दंगल आयोजित होने के कारण धार्मिक आयोजन के साथ कुश्ती प्रतियोगिता का भी खास माहौल देखने को मिलेगा। ऐतिहासिक अखाड़े में देश-विदेश के पहलवानों की मौजूदगी और रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

309वें दंगल के जरिए जागेश्वर धाम की सदियों पुरानी कुश्ती परंपरा एक बार फिर अखाड़े में जीवंत होती दिखाई देगी।

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