कथित कोयला स्टॉक गड़बड़ी पर केंद्रीय मंत्री का एक्शन, जांच और पारदर्शिता की उठाई मांग

तेलंगाना की सरकारी कोयला कंपनी सिंगरेनी कोलरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) से जुड़े कथित कोयला स्टॉक विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय कोयला मंत्री और सिकंदराबाद से सांसद किशन रेड्डी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
केंद्रीय मंत्री ने 10 जून को भेजे गए पत्र में उन रिपोर्टों पर चिंता जताई, जिनमें दावा किया गया है कि कंपनी के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। आरोपों के अनुसार, लगभग 40 लाख टन कोयले के स्टॉक को लेकर सवाल उठे हैं, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1600 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पत्र में कहा गया कि यदि इस तरह की अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो इससे कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है और उसके संचालन पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और जल्द जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
कंपनी की स्थिति पर भी जताई चिंता
किशन रेड्डी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि सिंगरेनी कोलरीज कंपनी केंद्र और तेलंगाना सरकार की संयुक्त भागीदारी वाली कंपनी है, जिसमें राज्य सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और केंद्र की 49 प्रतिशत है। ऐसे में कंपनी की वित्तीय स्थिति और संचालन को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए समय पर निर्णय और जवाबदेही जरूरी है।
ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों ने भी उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस मामले को कई राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और कर्मचारियों के समूहों ने भी उठाया है। उनका कहना है कि लगातार सामने आ रही चर्चाओं और आरोपों के कारण स्थिति को स्पष्ट करना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जांच कराई जाए ताकि तथ्यों की पुष्टि हो सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर उचित कार्रवाई की जा सके।
