एयरफोर्स वन में नहीं ले जाए गए चीनी गिफ्ट, ट्रंप टीम के फैसले ने खींचा ध्यान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तीन दिवसीय चीन यात्रा समाप्त होने के बाद एक दिलचस्प घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींच लिया। अमेरिका लौटने से पहले एयरफोर्स वन में सवार होने के दौरान ट्रंप डेलीगेशन ने चीनी अधिकारियों की ओर से दिए गए कई सामानों को कथित तौर पर नष्ट कर दिया या कूड़ेदान में फेंक दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी स्टाफ ने यात्रा के दौरान इस्तेमाल किए गए क्रेडेंशियल्स, बर्नर फोन, डेलीगेशन पिन और अन्य वस्तुओं को इकट्ठा किया और विमान में चढ़ने से पहले उन्हें अलग कर दिया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा कारणों से चीन से जुड़ी किसी भी वस्तु को एयरफोर्स वन में ले जाने की अनुमति नहीं दी गई।

इस घटनाक्रम की जानकारी बीजिंग यात्रा में शामिल व्हाइट हाउस संवाददाता एमिली गुडिन ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने सभी चीनी सामग्री को विमान में ले जाने से पहले हटाने का फैसला किया था और यह प्रक्रिया उड़ान भरने से ठीक पहले पूरी की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम अमेरिकी सुरक्षा और काउंटर-इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल का हिस्सा माना जा रहा है। अमेरिका अक्सर उन देशों की यात्राओं के दौरान, जिन्हें रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी माना जाता है, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संवेदनशील वस्तुओं को विशेष जांच के दायरे में रखता है। इसका उद्देश्य संभावित जासूसी, डेटा चोरी या निगरानी संबंधी खतरों को कम करना होता है।

हालांकि सार्वजनिक तौर पर ट्रंप ने अपनी चीन यात्रा को सफल और सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कई अहम मुद्दों पर अच्छी बातचीत हुई। वहीं Xi Jinping के साथ उनकी बैठक को भी दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके बावजूद व्यापार, टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा, ताइवान और पश्चिम एशिया से जुड़े मुद्दों पर United States और China के बीच रणनीतिक मतभेद अभी भी बरकरार हैं।

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