जनता ने जिताया, फिर भी बदले मुख्यमंत्री—5 साल में 22 राज्यों में क्यों हुआ ऐसा?

देश में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए विधानसभा चुनावों में कई ऐसे उदाहरण सामने आए, जहां किसी दल को दोबारा सत्ता तो मिली, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा बदल दिया गया। कहीं एंटी-इन्कम्बेंसी से बचने के लिए तो कहीं जातीय और राजनीतिक समीकरण साधने के चलते यह फैसले लिए गए।
2021: पांच राज्यों में चुनाव, सीमित बदलाव
साल 2021 में West Bengal, Assam, Kerala, Tamil Nadu और Puducherry में चुनाव हुए।
- Mamata Banerjee ने पश्चिम बंगाल में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई।
- असम में Himanta Biswa Sarma मुख्यमंत्री बने।
- केरल में Pinarayi Vijayan ने दोबारा सत्ता संभाली।
- तमिलनाडु में M. K. Stalin पहली बार मुख्यमंत्री बने (यहां बदलाव हुआ)।
- पुडुचेरी में N. Rangaswamy सीएम बने।
2022: पंजाब में सत्ता परिवर्तन, बाकी राज्यों में निरंतरता
2022 में Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand, Goa और Manipur में चुनाव हुए।
- उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath दोबारा सीएम बने।
- पंजाब में सत्ता बदलते ही Bhagwant Mann मुख्यमंत्री बने।
- उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में सरकारें तो वही रहीं, लेकिन राजनीतिक समीकरणों में हलचल दिखी।
2023: बड़े राज्यों में चौंकाने वाले फैसले
2023 में Madhya Pradesh, Rajasthan, Chhattisgarh, Telangana और Mizoram में चुनाव हुए।
- मध्य प्रदेश में Mohan Yadav को नया चेहरा बनाया गया।
- राजस्थान में Bhajan Lal Sharma को सीएम बनाया गया।
- छत्तीसगढ़ में Vishnu Deo Sai को जिम्मेदारी मिली।
- तेलंगाना में Revanth Reddy पहली बार सीएम बने।
- मिजोरम में Lalduhoma को सत्ता मिली।
2024: गठबंधन और रणनीति का असर
2024 में Maharashtra, Haryana, Jharkhand, Odisha और Andhra Pradesh में चुनाव हुए।
- हरियाणा में Nayab Singh Saini को आगे किया गया।
- महाराष्ट्र में Devendra Fadnavis फिर मुख्यमंत्री बने।
- झारखंड में Hemant Soren ने सत्ता बरकरार रखी।
- ओडिशा में Mohan Charan Majhi पहली बार सीएम बने।
- आंध्र प्रदेश में N. Chandrababu Naidu की वापसी हुई।
2025-26: नए बदलाव और नए चेहरे
- बिहार में Nitish Kumar के इस्तीफे के बाद Samrat Choudhary मुख्यमंत्री बने।
- दिल्ली में Rekha Gupta को सीएम बनाया गया।
आखिर क्यों बदले गए मुख्यमंत्री?
इन बदलावों के पीछे कुछ प्रमुख कारण सामने आए:
- एंटी-इन्कम्बेंसी से बचाव: लंबे समय से एक ही चेहरा होने पर बदलाव
- जातीय समीकरण: वोट बैंक को साधने के लिए नए चेहरे
- गठबंधन दबाव: अधिक सीट पाने वाली पार्टी का सीएम
- सत्ता परिवर्तन: चुनाव हारने पर पूरी सरकार बदलना
- व्यक्तिगत कारण: सीट हारने या प्रदर्शन कमजोर होने पर बदलाव
आगे क्या?
2026 में फिर से West Bengal, Tamil Nadu, Kerala, Assam और Puducherry में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सबकी नजर नतीजों पर टिकी है, जो तय करेंगे कि सत्ता में वापसी के साथ चेहरे बदलेंगे या पुराने ही नेतृत्व को दोहराया जाएगा।
