उत्तर प्रदेश में मानसून का जोर बढ़ा, 31 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, बाढ़ का खतरा बढ़ा

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने प्रदेश के 31 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। शनिवार सुबह राजधानी लखनऊ, बाराबंकी सहित आसपास के कई जिलों में आसमान बादलों से ढका रहा और मौसम सुहावना बना रहा। आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।

लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बाराबंकी और बलिया में सरयू नदी उफान पर है, जिससे नदी किनारे बसे इलाकों में कटान की समस्या बढ़ गई है। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है। कई खेतों में पानी भर गया है और करीब 87 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

बलिया जिले में भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। बांसडीह क्षेत्र में कई परिवार अपने घर छोड़कर दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं। कुछ लोग संभावित नुकसान से बचने के लिए अपने पक्के मकानों को भी खाली कर रहे हैं।

बिजनौर में मलान नदी का जलस्तर बढ़ने से कई छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

इससे पहले शुक्रवार को वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर सहित कई शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई। प्रयागराज में जलभराव के कारण एक कार नाले में फंस गई, हालांकि समय रहते राहत कार्य कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। अगले 24 घंटे में इसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा भूमध्य रेखा के आसपास सक्रिय हो रहे नए मौसमी तंत्र के कारण मानसूनी गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुक कर तेज बारिश हो सकती है। ऐसे में नदियों के किनारे रहने वाले लोगों, किसानों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने भी बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमें तैयार रखी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed