नीट-यूजी पुनरीक्षा को लेकर सरकार का हाई-अलर्ट: खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर टेक कंपनियों को निर्देश, फर्जीवाड़ा करने वाले ग्रुप्स होंगे ब्लॉक

नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) की आगामी पुनरीक्षा (री-एग्जाम) को पूरी तरह सुरक्षित और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना और सोशल मीडिया पर छात्र-छात्राओं के बीच फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों व अफवाहों पर नकेल कसना था।
इस सिलसिले में सरकार ने एक और समानांतर बैठक भी की, जिसमें टेक जगत की दिग्गज कंपनियों— मेटा (Meta), गूगल (Google) और टेलीग्राम (Telegram) के प्रतिनिधियों को तलब किया गया। सरकार ने इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी प्रकार की फर्जी खबरों (Fake News) और दावों पर तुरंत संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
खुफिया एजेंसियों का इनपुट: संदिग्ध टेलीग्राम चैनल्स पर सरकार की पैनी नजर
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अक्सर यह देखा गया है कि देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं से ठीक पहले कई टेलीग्राम चैनल्स और ऑनलाइन ग्रुप्स अचानक से सक्रिय हो जाते हैं।
भ्रम फैलाने का खेल: इन ग्रुप्स पर पेपर लीक होने के झूठे दावे, भ्रामक लिंक्स (Clickbait Posts) और बिना किसी प्रामाणिकता वाली खबरें तेजी से प्रसारित की जाती हैं, जिससे परीक्षार्थियों के बीच घबराहट और असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है।
ऑटोमेटेड बॉट्स का इस्तेमाल: जांच में यह बात सामने आई है कि कतिपय संदिग्ध लिंक्स के माध्यम से छात्रों को ऑटोमेटेड बॉट्स और फर्जी ऑनलाइन समूहों की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है, जिन्हें विशेष रूप से अफवाहें फैलाने के उद्देश्य से ही डिजाइन किया गया है।
संगठित नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट्स के मुताबिक, देश में परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कई संदिग्ध टेलीग्राम चैनल्स कुछ चुनिंदा मोबाइल नंबरों के जरिए ऑपरेट किए जा रहे हैं। खुफिया रिपोर्टों से यह भी अंदेशा है कि यह पूरी गतिविधि एक सोची-समझी और संगठित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख: मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा से ठीक पहले छात्रों के बीच दहशत और अफवाह फैलाने वाले ऐसे सभी चैनल्स और ग्रुप्स को तुरंत चिन्हित कर प्रतिबंधित (Block) किया जाए।
सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और परीक्षा के माहौल को खराब करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इस प्रकार के भ्रामक नेटवर्क को चलाने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
