
लखनऊ में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित रही। तकनीकी खराबी, नमी और फॉल्ट के कारण कई उपकेंद्रों से सप्लाई बाधित हो गई, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली संकट का सामना करना पड़ा।
गोमतीनगर विस्तार के सेक्टर-4 उपकेंद्र में सुबह तड़के तकनीकी समस्या आने के कारण करीब 4,000 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीम ने लगातार मरम्मत कार्य किया, जिसके बाद दोपहर में आंशिक रूप से सप्लाई बहाल की गई और देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली सेवा सामान्य हो सकी। इस दौरान एलडीए की कई आवासीय सोसायटियों और अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ा।
नगराम क्षेत्र के समेसी उपकेंद्र से जुड़े बहरौली फीडर में भी सुबह बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब छह घंटे बाद सप्लाई बहाल हो सकी। इस दौरान नेहरू नगर, मकदूमनगर, बहरौली, मोदीनगर, भदुआ, खवासखेड़ा, जवाहर सिंह का पुरवा, बड़ेहा सहित लगभग 50 गांवों के लोगों को बिजली न मिलने से परेशानी झेलनी पड़ी।
पुराने शहर के अकबरी गेट इलाके में बारिश के दौरान बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। तारों से तेज चिंगारियां निकलने और धमाके जैसी आवाज आने से आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और मरम्मत के बाद करीब तीन घंटे में सेवा बहाल हुई।
शहर के अन्य कई इलाकों में भी अलग-अलग कारणों से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। निशातगंज, वास्तु खंड, कठौता गांव, विभूति खंड, विपिन खंड, अमीनाबाद, कैसरबाग, जंगलीगंज, फूलवाली गली, घैली और आसपास के क्षेत्रों में एक से तीन घंटे तक बिजली कटौती की गई। वजीरबाग क्षेत्र में नाले का पानी ट्रांसफार्मर तक पहुंच जाने से भी कुछ समय के लिए आपूर्ति रोकनी पड़ी।
काकोरी क्षेत्र के शाहपुर फीडर में भी बारिश के कारण तकनीकी खराबी आ गई, जिससे सुबह से करीब छह घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे कई ग्राम सभाओं के हजारों उपभोक्ताओं को पेयजल संकट, घरेलू कार्यों में दिक्कत और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने समय पर फॉल्ट दूर न होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बारिश के दौरान इस फीडर पर अक्सर लंबी बिजली कटौती होती है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर नमी, शॉर्ट सर्किट और तकनीकी फॉल्ट सामने आए। सभी प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य कर बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से सामान्य कर दिया गया।
