खरगे के मंच को लेकर बढ़ा विवाद, प्रियंका गांधी ने जताया विरोध; कांग्रेस का पलटवार

उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण वाले मंच के कथित शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे दलितों के प्रति भेदभाव और अपमान से जोड़ते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है।
विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने देशभर में जिला स्तर पर मार्च और सत्याग्रह करने का ऐलान किया है। पार्टी के मुताबिक, 14 अगस्त 2026 को हल्द्वानी की घटना के विरोध में और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी से मांगी माफी
प्रियंका गांधी ने इस घटना को बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले पर प्रतिक्रिया देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की सभा के बाद मंच का शुद्धिकरण किया जाना बेहद आपत्तिजनक है।
प्रियंका गांधी का कहना है कि प्रधानमंत्री को इस घटना की निंदा करनी चाहिए और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे देश में मौजूद सामाजिक भेदभाव की मानसिकता का उदाहरण बताया।
खरगे बोले- मुझे छुआछूत का एहसास कराया गया
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मामले पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद नहीं बनाना चाहते, लेकिन मंच के शुद्धिकरण की घटना ने उन्हें छुआछूत का एहसास कराया और उनका अपमान हुआ।
खरगे ने कहा कि उन्होंने कभी अपनी जाति के नाम पर किसी से सुरक्षा या सहानुभूति नहीं मांगी। उनके मुताबिक, वह संघर्ष करने में विश्वास रखते हैं और राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि मंच के कथित शुद्धिकरण में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो और उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
जेपी नड्डा ने घटना को बताया दुखद
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा में उन्होंने कहा कि ऐसी घटना न केवल कांग्रेस बल्कि पूरे समाज के लिए दुखद है।
नड्डा ने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह की गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कहते हुए घटना की निंदा की।
कांग्रेस नेताओं ने भी जताया विरोध
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने घटना को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की सभा के बाद उसी स्थान के शुद्धिकरण की बात किया जाना बेहद शर्मनाक है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने भी घटना को राजनीति में गिरते स्तर का उदाहरण बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी जनसभा के बाद मंच के शुद्धिकरण की जरूरत क्यों महसूस हुई। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने इसे संविधान में दिए समानता के अधिकार के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ समानता और राष्ट्रवाद की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
शैलजा ने कहा कि अगर इस तरह की मानसिकता समाज में मौजूद है तो उसे खत्म करने की जरूरत है। उन्होंने राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
14 अगस्त को देशभर में कांग्रेस का सत्याग्रह
हल्द्वानी की घटना अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है। कांग्रेस ने घोषणा की है कि 14 अगस्त को देशभर में जिला स्तर पर मार्च और सत्याग्रह आयोजित किए जाएंगे।
पार्टी इस विरोध के जरिए सामाजिक समानता, सम्मान और संविधान में मिले अधिकारों का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। वहीं बीजेपी ने घटना से दूरी बनाते हुए जांच की बात कही है। अब इस विवाद पर आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर है।
