CJP प्रदर्शन से पहले सुरक्षा को लेकर केंद्र सतर्क, केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों को दिए निर्देश

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी की गई है। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की आशंका के बीच केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली से सटे सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है।
प्रदर्शन को लेकर प्रशासन की चिंता कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर केंद्रित है। संबंधित अधिकारियों को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली की सीमाओं पर बढ़ाई गई निगरानी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। गाजीपुर बॉर्डर समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों की जांच भी की जा रही है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर उचित कार्रवाई करने को कहा गया है। प्रदर्शन के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी पुलिस के लिए अहम चुनौती होगी।
गृह सचिव के पत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए पत्र में वर्ष 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लेख किया है। अधिकारियों से कहा गया है कि वे कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतें और जरूरत पड़ने पर दिल्ली पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें।
पत्र में संभावित अव्यवस्था की आशंका का हवाला देते हुए संबंधित प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा गया है। हालांकि, सुरक्षा संबंधी निर्देशों और किसी विशेष खतरे के दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक पत्र का विवरण देखना जरूरी है।
CJP के प्रदर्शन को नहीं मिली अनुमति
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा नई दिल्ली के कुछ इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
धारा 163 के तहत संबंधित परिस्थितियों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे आदेशों का उल्लंघन करने पर लागू कानून के अनुसार कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
मेट्रो सेवाओं को लेकर भी सतर्कता
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों को बंद करने के निर्देश दिए जाने की खबर भी सामने आई है। उपलब्ध विवरण में 57 मेट्रो स्टेशनों को रात 9 बजे से अगले आदेश तक बंद रखने का उल्लेख है।
हालांकि, इतने बड़े स्तर पर मेट्रो सेवाएं बंद किए जाने के दावे की पुष्टि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की आधिकारिक सूचना से करना जरूरी है। यात्रियों को सफर से पहले मेट्रो की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट पर नवीनतम जानकारी देखनी चाहिए।
पिछली घटनाओं के मद्देनजर पुलिस सतर्क
पुलिस प्रशासन की चिंता का एक कारण पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित अव्यवस्था भी बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी प्रदर्शन के दौरान असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
प्रशासन ने संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधों पर ध्यान केंद्रित किया है। प्रदर्शन के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।
फिलहाल, जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां चर्चा में हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों को सलाह दी जाती है कि वे दिल्ली में आवागमन से पहले यातायात तथा सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं की जांच कर लें।
