इंडिया गठबंधन के भोज में सपा नहीं पहुंची तो उठे सवाल, कांग्रेस बोली- सभी को किया गया था आमंत्रित

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच में समाजवादी पार्टी के सांसदों की गैरमौजूदगी के बाद इंडिया गठबंधन में दरार की चर्चाएं तेज हो गईं। सपा को निमंत्रण नहीं दिए जाने के दावों के बीच कांग्रेस ने अब स्थिति स्पष्ट की है।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि लंच के लिए इंडिया गठबंधन में शामिल सभी दलों को आमंत्रित किया गया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस आयोजन का फैसला देर रात लिया गया था, जिसके कारण सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के लिए कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं हो पाया।
जयराम रमेश ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर मीडिया के एक वर्ग में अनावश्यक अटकलें लगाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के बीच एकजुटता कायम है और सभी पार्टियां कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर साथ खड़ी हैं।
वोटर लिस्ट, SIR और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष साथ
जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दल वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों, SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और परिसीमन जैसे मुद्दों पर मिलकर आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों पर विपक्ष के बीच मतभेद नहीं हैं और इंडिया गठबंधन के घटक दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों पर साझा रुख के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
कार्ति चिदंबरम ने भी दी प्रतिक्रिया
लंच को लेकर उठे सवालों पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम से भी प्रतिक्रिया मांगी गई थी। उन्होंने कहा कि किन नेताओं और दलों को निमंत्रण भेजा गया था, इसकी सही जानकारी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही दे सकता है। हालांकि, उन्होंने विपक्षी गठबंधन में एकजुटता होने की बात कही।
सपा सांसदों की गैरमौजूदगी के बाद शुरू हुई चर्चा
बुधवार को नई दिल्ली स्थित सागर रत्ना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से लंच का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के सांसदों की मौजूदगी नजर नहीं आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि समाजवादी पार्टी को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण नहीं भेजा गया था। सपा से जुड़े सूत्रों की ओर से भी कथित तौर पर यही बात कही गई थी।
इसके बाद सवाल उठने लगे कि क्या कांग्रेस और सपा के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं और इसका असर इंडिया गठबंधन पर पड़ रहा है।
हालांकि, जयराम रमेश के बयान के बाद कांग्रेस ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी गठबंधन सहयोगियों को निमंत्रण दिया गया था। पार्टी के मुताबिक, आयोजन का फैसला बहुत देर से लिए जाने के कारण कुछ दल इसमें शामिल नहीं हो सके।
फिलहाल लंच को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस ने विपक्षी एकता कायम रहने का दावा किया है। आने वाले दिनों में SIR और परिसीमन जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों की साझा रणनीति से गठबंधन के भीतर की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
