भद्रेश्वरनाथ धाम में आस्था का महासैलाब, सावन के दूसरे सोमवार पर लाखों कांवड़ियों ने किया अभिषेक

बस्ती: सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर बस्ती जिले का प्रसिद्ध बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम देर रात से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से गुलजार रहा। सोमवार रात 12 बजे के बाद मंदिर में कांवड़ियों के जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ, जो सुबह तक लगातार चलता रहा। अयोध्या की सरयू नदी से पवित्र जल लेकर पहुंचे बड़ी संख्या में कांवड़ियों ने बाबा भद्रेश्वरनाथ का अभिषेक किया और परिवार की सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
भोर होते-होते मंदिर परिसर और आसपास का इलाका ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दूर से पहुंचे कांवड़ियों की टोलियां हाथों में सजी कांवड़ लिए मंदिर की ओर बढ़ती दिखाई दीं। कई श्रद्धालु रात में ही धाम पहुंच गए थे और कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
सरयू से जल लेकर पहुंचे श्रद्धालु
कांवड़ यात्रा में शामिल कई श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचने से पहले अमहट घाट सहित अन्य स्थानों पर स्नान किया। इसके बाद सरयू नदी का पवित्र जल कांवड़ में लेकर श्रद्धालु भद्रेश्वरनाथ धाम पहुंचे।
मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और विधि-विधान के साथ जलाभिषेक किया। घंटियों और घड़ियाल की आवाज के बीच लगातार गूंजते शिवभक्तों के जयकारों से पूरे परिसर का माहौल भक्तिमय बना रहा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट
कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए निर्धारित रास्तों से मंदिर तक पहुंचने की व्यवस्था की गई।
प्रशासन की टीमों ने यात्रा मार्ग और मंदिर के आसपास लगातार निगरानी रखी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और जलाभिषेक सुचारु रूप से चलता रहे।
जगह-जगह लगाए गए सेवा शिविर
कांवड़ियों की सुविधा के लिए शहर से लेकर भद्रेश्वरनाथ धाम तक कई स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए। इन शिविरों में स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी, भोजन और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। रात से शुरू हुआ जलाभिषेक और कांवड़ियों का आवागमन सुबह तक जारी रहा। भद्रेश्वरनाथ धाम में श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे इलाके को शिवमय कर दिया।
