‘जन विश्वास विधेयक’ पास, Piyush Goyal बोले—डर नहीं, विश्वास से बनेगा बेहतर व्यापारिक माहौल

देश में व्यापारिक माहौल को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘जन विश्वास विधेयक’ संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है। Rajya Sabha में गुरुवार को इस विधेयक को मंजूरी मिल गई, जबकि इससे एक दिन पहले Lok Sabha ने भी इसे पारित कर दिया था।
इस विधेयक के तहत 79 कानूनों के कुल 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इसका उद्देश्य छोटे-छोटे उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर व्यापार को आसान बनाना और अनावश्यक कानूनी दबाव को कम करना है।
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि सरकार देश में “भरोसे की संस्कृति” विकसित करना चाहती है, जो डर के बजाय विश्वास पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि इस कानून का मकसद लोगों को सजा देना नहीं, बल्कि सुधार का अवसर देना है।
उन्होंने बताया कि कानून में यह व्यवस्था की गई है कि छोटी गलती पर पहले चेतावनी दी जाएगी, दूसरी बार जुर्माना लगाया जाएगा और तीसरी बार गंभीर स्थिति में कड़ी कार्रवाई तथा न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मंत्री ने स्टार्टअप इकोसिस्टम का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ वर्षों पहले देश में करीब 500 स्टार्टअप थे, जो अब बढ़कर तीन लाख से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसे में नए उद्यमियों से छोटी गलतियां होना स्वाभाविक है और उन्हें सजा देने के बजाय आगे बढ़ने का मौका दिया जाना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर अपराधों, जैसे नकली दवाइयों का निर्माण, बिक्री या वितरण, पर पहले की तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, छोटे दुकानदारों को अनावश्यक रूप से परेशान करने के बजाय जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।
इस विधेयक के जरिए कई प्रमुख कानूनों में संशोधन प्रस्तावित हैं, जिनमें Reserve Bank of India से संबंधित अधिनियम, बीमा कानून, पेंशन नियामक कानून, पेटेंट अधिनियम, खाद्य सुरक्षा कानून, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, विद्युत अधिनियम और रेलवे अधिनियम जैसे कई महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं।
सरकार का मानना है कि इस विधेयक के लागू होने से कारोबार करना आसान होगा, छोटे व्यवसायों को राहत मिलेगी और देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
