फर्जी डिपॉजिट स्कीम का भंडाफोड़, करोड़ों की ठगी में ED ने संपत्ति अटैच की

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मुंबई इकाई ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 3.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है। यह कार्रवाई 26 मार्च 2026 को की गई और यह संपत्ति नवी मुंबई के खारघर क्षेत्र में स्थित ऑफिस यूनिट्स से संबंधित है। यह मामला ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड (DMCCSL) से जुड़ा हुआ है।

मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज कई FIR के आधार पर हुई थी। आरोप है कि सुरेश कुटे और उनके सहयोगियों ने इस स्कीम के जरिए निवेशकों को 12% से 14% तक के आकर्षक रिटर्न का लालच दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें निवेश किया, लेकिन बाद में उन्हें या तो पैसे नहीं मिले या फिर केवल आंशिक भुगतान किया गया।

ED की जांच में सामने आया है कि लगभग 2,467 करोड़ रुपये की भारी राशि को लोन के नाम पर कुटे ग्रुप की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। इन कंपनियों पर सुरेश कुटे और उनकी पत्नी अर्चना कुटे का नियंत्रण था। जांच में यह भी पाया गया कि ये लोन बिना किसी उचित दस्तावेज, गारंटी या उपयोग के सबूत के दिए गए थे। बाद में इस धन का इस्तेमाल निजी लाभ और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों में किया गया।

अब तक ED इस मामले में कई छापेमारी कर चुकी है और बड़ी संख्या में संपत्तियों को जब्त या फ्रीज कर चुकी है। कुल मिलाकर करीब 1,625 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। मामले में सुरेश कुटे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। वहीं, हाल ही में 2 मार्च 2026 को अर्चना कुटे की गिरफ्तारी हुई, जिन्हें 7 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।

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