मांसपेशियों के दर्द को कम करने के लिए आजमाएं ये तरीके, आराम पाने में मदद कर सकते हैं घरेलू नुस्खे

मांसपेशियों में दर्द और अकड़न की परेशानी कई कारणों से हो सकती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, गलत पॉश्चर, जरूरत से ज्यादा व्यायाम, शारीरिक थकान और पर्याप्त नींद न लेना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। कुछ मामलों में चोट लगने या शरीर में पानी की कमी के कारण भी मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन महसूस हो सकती है। दर्द अधिक होने पर रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में कुछ घरेलू उपायों से हल्के दर्द में राहत मिल सकती है। हालांकि, लगातार या तेज दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
मांसपेशियों के दर्द में राहत के लिए अपनाएं ये उपाय
1. सही तरीके से करें सिकाई
मांसपेशियों में पुरानी अकड़न या जकड़न होने पर गर्म पानी की थैली से 15 से 20 मिनट तक सिकाई की जा सकती है। इससे मांसपेशियों को आराम मिल सकता है। ध्यान रखें कि थैली बहुत गर्म न हो और उसे सीधे त्वचा पर न लगाएं।
वहीं, व्यायाम या चोट के तुरंत बाद दर्द और सूजन होने पर कपड़े में लपेटकर बर्फ से 10 से 15 मिनट तक सिकाई करना उपयोगी हो सकता है। बर्फ को सीधे त्वचा पर लगाने से बचें। यदि चोट गंभीर हो या सूजन तेजी से बढ़ रही हो, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।
2. हल्दी वाला दूध पी सकते हैं
हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व पाया जाता है, जिस पर इसके सूजन-रोधी गुणों को लेकर शोध हुआ है। हालांकि, हल्दी वाला दूध मांसपेशियों के दर्द को तुरंत ठीक कर देगा, इसका पर्याप्त प्रमाण नहीं है।
आप चाहें तो रात में एक गिलास गुनगुने दूध में थोड़ी हल्दी मिलाकर पी सकते हैं। यह एक सामान्य घरेलू पेय है, लेकिन इसे दर्द के इलाज का विकल्प न मानें। यदि आपको दूध या हल्दी से एलर्जी है अथवा आप नियमित दवाएं लेते हैं, तो इसके सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
3. हल्के हाथों से मालिश करें
मांसपेशियों में हल्का तनाव होने पर आरामदायक मालिश से कुछ लोगों को राहत मिल सकती है। इसके लिए बिना तेज खुशबू वाले साधारण तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। मालिश करते समय ज्यादा दबाव न डालें और दर्द बढ़ने पर तुरंत रुक जाएं।
चोट, सूजन, लालिमा या त्वचा में जलन होने पर प्रभावित हिस्से की मालिश न करें। कपूर या लौंग जैसे पदार्थों को गर्म करके त्वचा पर लगाने से जलन हो सकती है, इसलिए इनका सावधानी से इस्तेमाल करें।
4. शरीर में पानी की कमी न होने दें
कम पानी पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो कुछ स्थितियों में मांसपेशियों की ऐंठन से जुड़ा होता है। इसलिए पूरे दिन नियमित रूप से पानी पीते रहें। गर्म मौसम, पसीना आने और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पानी की जरूरत बदल सकती है।
केला और अन्य फल, सब्जियां तथा संतुलित भोजन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। अधिक पसीना आने या दस्त जैसी स्थिति में तरल पदार्थों की जरूरत बढ़ सकती है। ORS का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें। हर व्यक्ति के लिए रोजाना 3 से 4 लीटर पानी पीना जरूरी नहीं है; अपनी जरूरत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार मात्रा तय करें।
5. हल्की स्ट्रेचिंग और योग करें
मांसपेशियों में हल्का दर्द होने पर पूरी तरह निष्क्रिय रहने के बजाय आरामदायक गतिविधियां और हल्की स्ट्रेचिंग मददगार हो सकती हैं। सुबह या दिन में सुविधानुसार गर्दन, कंधों, पीठ और पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करें। ताड़ासन और शवासन जैसे योगासन भी आराम देने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि, तेज दर्द, ताजा चोट या सूजन होने पर जबरदस्ती व्यायाम न करें। लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों को हर 30 से 60 मिनट में थोड़ी देर खड़े होकर चलना चाहिए और बैठने की स्थिति में बदलाव करना चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
यदि मांसपेशियों का दर्द बहुत तेज हो, बार-बार हो रहा हो या कई दिनों तक ठीक न हो, तो डॉक्टर से जांच कराएं। दर्द के साथ अत्यधिक सूजन, बुखार, मांसपेशियों में कमजोरी या गहरे रंग का पेशाब आने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें। सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द के साथ मांसपेशियों में असहजता हो, तो आपातकालीन मदद लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। घरेलू उपाय हर व्यक्ति पर समान रूप से असर नहीं करते और इन्हें चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। दर्द लगातार बना रहे या गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह लें।
