मथुरा के अग्रसेन मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, झलकारी बाई की वीरगाथा और ‘स्वर्ण वर्ग की पुकार’ की रही चर्चा

मथुरा के बीएसए डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित अग्रसेन मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। बुधवार रात माधवी महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं ने विभिन्न नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इतिहास, वीरता और सामाजिक मुद्दों को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के लोगों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना टिबरेवाल और विशिष्ट अतिथि डॉ. सपना बंसल ने महाराजा अग्रसेन तथा मां लक्ष्मी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसके बाद महालक्ष्मी स्तुति के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ।
झलकारी बाई के साहस की कहानी ने किया प्रभावित
महिला समिति की ओर से वीरांगना झलकारी बाई के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय के जरिए उनके साहस, वीरता और रानी लक्ष्मीबाई की रक्षा में निभाई गई भूमिका को दर्शाया। प्रस्तुति के माध्यम से महिलाओं की वीरता और देश के इतिहास में उनके योगदान को सामने लाने का प्रयास किया गया।
नाटक को दर्शकों ने सराहा। इसके जरिए नई पीढ़ी को ऐतिहासिक वीरांगनाओं के जीवन और उनके संघर्षों से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया।
‘स्वर्ण वर्ग की पुकार’ नाटक में उठाया गया रोजगार का मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान ‘स्वर्ण वर्ग की पुकार’ नामक नाटक भी प्रस्तुत किया गया। इसमें अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद सरकारी पदों पर अवसर नहीं मिलने से जुड़ी समस्या को मंच के माध्यम से उठाया गया। नाटक ने सामाजिक और रोजगार से संबंधित मुद्दों पर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इसके अलावा महाभारत काल के अश्वत्थामा के जीवन पर आधारित एक प्रेरक नाटक भी पेश किया गया। अलग-अलग विषयों पर आधारित इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विविधता प्रदान की।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी जयंती प्रसाद अग्रवाल तथा महिला संरक्षिकाओं आशा अग्रवाल और मीरा अग्रवाल ने कलाकारों के प्रयासों की सराहना की। महिला समिति की अध्यक्ष रेनू अग्रवाल और मंत्री शशि अग्रवाल ने बताया कि इन प्रस्तुतियों के लिए महिलाओं ने पिछले दो महीने से तैयारी की थी।
भजन जैमिंग नाइट में भक्ति संगीत पर झूमे लोग
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद मुंबई से आए इवेंट ग्रुप ने भजन जैमिंग नाइट की प्रस्तुति दी। भक्ति संगीत की धुनों पर मेले में मौजूद लोग झूमते नजर आए। धार्मिक गीतों और संगीत ने आयोजन के माहौल को भक्तिमय बना दिया।
महिला संयोजिका आशा अग्रवाल और मीरा अग्रवाल ने कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान अग्रवाल सभा के अध्यक्ष अशोक बंसल, प्रधानमंत्री सुभाष अग्रवाल सिक्का, मीडिया प्रभारी सचिन अग्रवाल घी वाले, मेला संयोजक अंकित बंसल और जयंती संयोजक किशोर मित्तल समेत समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
26 वर्षों से आयोजित हो रहा अग्रसेन मेला
आयोजकों के अनुसार, अग्रसेन मेले की शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी। समय के साथ यह आयोजन मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में अग्रवाल समाज के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हो गया है। मेले के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा दिया जाता है।
दूसरे दिन आयोजित माधवी महिला दिवस के कार्यक्रमों में हजारों अग्रबंधुओं की सहभागिता रही। महिलाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सामाजिक विषयों पर आधारित नाटकों और भक्ति संगीत ने आयोजन को खास बनाया।
