वीकेंड वर्कआउट का शौक पड़ सकता है भारी, हफ्तेभर बैठे रहने वालों के कंधों पर बढ़ता है दबाव

आजकल बड़ी संख्या में लोग सप्ताह के ज्यादातर दिन डेस्क जॉब करते हैं। सुबह से शाम तक लैपटॉप के सामने बैठे रहने के बाद कई लोग शनिवार और रविवार को फिटनेस के लिए अचानक जिम, बैडमिंटन, टेनिस या दूसरी भारी गतिविधियां शुरू कर देते हैं। यह रूटीन देखने में भले ही फिटनेस के लिए अच्छा लगे, लेकिन शरीर को अचानक ज्यादा मेहनत में झोंकना परेशानी पैदा कर सकता है।

खासकर कंधों पर इसका असर पड़ सकता है। लंबे समय तक कम शारीरिक गतिविधि के बाद अचानक भारी वजन उठाने या हाथों को बार-बार ऊपर ले जाने वाले खेल खेलने से कंधे में दर्द, जकड़न और कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है।

फोर्टिस एस्कॉर्ट्स, नई दिल्ली के हड्डी रोग विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और यूनिट प्रमुख डॉ. नमन वहाल के मुताबिक, कंधे की समस्या कई बार उसी दिन शुरू नहीं होती, जिस दिन व्यक्ति को दर्द महसूस होता है। शरीर को बिना तैयारी के अचानक ज्यादा मेहनत कराने से चोट का जोखिम बढ़ सकता है।

पांच दिन की निष्क्रियता के बाद अचानक ज्यादा मेहनत क्यों खतरनाक?

सोमवार से शुक्रवार तक लंबे समय तक बैठे रहना और फिर वीकेंड पर अचानक एक घंटे बैडमिंटन खेलना या भारी वजन उठाना शरीर के लिए अचानक बढ़ा हुआ लोड हो सकता है।

बैडमिंटन और टेनिस जैसे खेलों में हाथ को लगातार सिर के ऊपर ले जाना पड़ता है। इसी तरह जिम में कुछ एक्सरसाइज के दौरान भी कंधों और बाजुओं पर काफी दबाव पड़ता है।

अगर शरीर नियमित रूप से इस तरह की गतिविधियों का अभ्यस्त नहीं है तो अचानक ज्यादा जोर लगाने से कंधे के आसपास के मांसपेशियों और दूसरे ऊतकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

पहले फिट थे तो भी सीधे पुराने लेवल पर न लौटें

कई लोगों को लगता है कि वे पहले नियमित जिम या खेलकूद करते थे, इसलिए लंबे ब्रेक के बाद भी उसी स्तर की एक्सरसाइज तुरंत शुरू कर सकते हैं। लेकिन शरीर की क्षमता समय के साथ बदलती है।

लंबे अंतराल के बाद पुराने वजन, पुराने वर्कआउट या पहले जैसी अवधि से शुरुआत करना सही नहीं हो सकता। शुरुआत हल्की गतिविधियों से करके धीरे-धीरे एक्सरसाइज का स्तर बढ़ाना ज्यादा सुरक्षित तरीका है।

थकान होने के बावजूद लगातार एक्सरसाइज करते रहना भी परेशानी बढ़ा सकता है। शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करने के बजाय जरूरत पड़ने पर आराम देना जरूरी है।

वीकेंड वर्कआउट से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर पूरे सप्ताह आपका काम ज्यादातर बैठकर होता है और आप वीकेंड पर एक्सरसाइज करते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है।

  • हल्के वर्कआउट से शुरुआत करें: लंबे समय के बाद सीधे भारी वजन उठाने के बजाय पहले शरीर को एक्टिव करें।
  • वार्मअप जरूर करें: बैडमिंटन या टेनिस खेलने से पहले केवल दौड़ना ही काफी नहीं है। कंधों, हाथों और शरीर के दूसरे हिस्सों को भी गतिविधि के लिए तैयार करें।
  • धीरे-धीरे लोड बढ़ाएं: लंबे ब्रेक के बाद एक्सरसाइज की अवधि और तीव्रता एकदम से न बढ़ाएं।
  • सप्ताहभर एक्टिव रहें: काम के बीच छोटे ब्रेक लेकर चलना-फिरना और हल्की गतिविधियां करना शरीर को ज्यादा सक्रिय रखने में मदद कर सकता है।
  • कंधों को आराम दें: पुश-अप, प्लैंक और छाती से जुड़ी कई एक्सरसाइज में भी कंधों का इस्तेमाल होता है। इसलिए लगातार कई गतिविधियों का दबाव एक साथ न बढ़ाएं।

कंधे के दर्द को सिर्फ थकान समझना ठीक नहीं

लंबे समय के बाद एक्सरसाइज शुरू करने पर हल्की मांसपेशियों की जकड़न या दर्द हो सकता है। लेकिन कुछ लक्षणों को सामान्य मानकर लगातार नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

अगर हाथ ऊपर उठाने पर बार-बार दर्द हो, बैडमिंटन या टेनिस खेलते समय सर्विस करने में तकलीफ हो, हाथ में कमजोरी महसूस हो या कंधे को घुमाने में परेशानी आने लगे, तो वर्कआउट जारी रखने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

खास तौर पर अगर दर्द बार-बार हो रहा है या आराम के बावजूद कम नहीं हो रहा, तो खुद से एक्सरसाइज बढ़ाने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

फिट रहने के लिए पूरे सप्ताह रखें शरीर को एक्टिव

सिर्फ शनिवार और रविवार को घंटों एक्सरसाइज करने के बजाय पूरे सप्ताह शरीर को थोड़ी-थोड़ी गतिविधि देना बेहतर तरीका हो सकता है। डेस्क जॉब करने वाले लोग काम के बीच छोटे ब्रेक लेकर चल सकते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित हल्की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

इससे वीकेंड पर अचानक बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत कम होगी और शरीर धीरे-धीरे नियमित गतिविधियों का अभ्यस्त हो सकेगा। फिटनेस की शुरुआत हमेशा अपनी वर्तमान क्षमता के हिसाब से करनी चाहिए, न कि कई साल पुरानी फिटनेस को आधार बनाकर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *