लोकसभा में बेरोजगारी पर बहस: सरकार ने साझा किए ताज़ा आंकड़े और रोजगार योजनाएं

लोकसभा में बेरोजगारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया। सांसदों ने देश में बेरोजगारों की संख्या, राज्य-वार और आयु-वार आंकड़े, बेरोजगारी दर और इसे कम करने के लिए सरकार की रणनीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही कौशल अंतर को दूर करने, रोजगार सृजन, छोटे और मध्यम उद्यमों के समर्थन और दीर्घकालिक योजनाओं के बारे में जानकारी मांगी गई।

सरकार ने बताया कि रोजगार और बेरोजगारी के आधिकारिक आंकड़े नियमित राष्ट्रीय सर्वे के माध्यम से एकत्र किए जाते हैं। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में बेरोजगारी दर में पिछले वर्षों में गिरावट आई है। राज्य और आयु-वार आंकड़े सार्वजनिक रिपोर्टों में उपलब्ध हैं।

युवाओं को उद्योग-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार करने हेतु कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण और पुनः-कौशल कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के माध्यम से रोजगार सृजन पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ऋण, क्लस्टर विकास, विपणन सहायता, तकनीकी उन्नयन और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार-संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार ने रोजगार-लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, राष्ट्रीय डिजिटल पोर्टल के माध्यम से जॉब फेयर, करियर काउंसलिंग, प्रशिक्षण और कौशल विकास से जुड़ी जानकारियां भी नागरिकों के लिए उपलब्ध कराई जा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *