ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नेवी चीफ का बयान: “हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे”

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के दौरान भारतीय नौसेना समुद्र से हमला करने के बेहद करीब थी, लेकिन उसी वक्त पाकिस्तान की ओर से सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील आ गई।
हमले से कुछ मिनट दूर थी नौसेना
नौसेना अलंकरण समारोह में बोलते हुए नेवी चीफ ने कहा कि हालात ऐसे बन गए थे कि भारतीय नौसेना कुछ ही मिनटों में हमला शुरू कर सकती थी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर स्थिति और बिगड़ती, तो तीनों सेनाएं मिलकर बड़ा सैन्य अभियान चला सकती थीं।
ऑपरेशन सिंदूर में हाई अलर्ट
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय नौसेना पूरी तरह अलर्ट मोड में थी। समुद्री मोर्चे पर तैनाती और तैयारी इस स्तर पर थी कि किसी भी समय कार्रवाई की जा सकती थी। यह दर्शाता है कि भारत ने इस ऑपरेशन में बहु-आयामी रणनीति अपनाई थी।
पहलगाम हमले के बाद जवाब
यह पूरा घटनाक्रम पहलगाम में 26 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कड़ा कदम उठाया।
6-7 मई की रात भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में घुसकर कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और उन्हें नष्ट किया। इस कार्रवाई का मकसद आतंकियों के लॉन्चपैड और हथियारों के ठिकानों को खत्म करना था।
पाकिस्तान की कोशिश नाकाम
जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें नाकाम कर दिया। इसके विपरीत भारत के हमलों से पाकिस्तान के कई एयरबेस को नुकसान पहुंचा।
तनाव के बीच पीछे हटा पाकिस्तान
नेवी चीफ के बयान से यह स्पष्ट होता है कि स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी और युद्ध जैसे हालात बन गए थे। हालांकि अंतिम समय में पाकिस्तान की अपील के बाद हालात काबू में आए और बड़ा सैन्य टकराव टल गया।
