Padrauna में विकास को लेकर बोले Manish Jaiswal—जनता ही करेगी मेरे काम का फैसला

Kushinagar की सदर विधानसभा पडरौना से भाजपा विधायक Manish Jaiswal का कहना है कि पिछले चार वर्षों में क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकास कार्य किए गए हैं। उनके अनुसार मेडिकल कॉलेज, बस स्टैंड, मंडी और बिजली व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और आगे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़कों को चौड़ा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पिछले चार साल के बड़े काम
विधायक ने बताया कि उनके कार्यकाल में पडरौना में मेडिकल कॉलेज, क्रिटिकल केयर सेंटर और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हुई। इसके अलावा करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से जिला जेल का निर्माण कराया गया। लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से एक मॉडल विद्यालय भी बनाया जा रहा है। बस स्टैंड और मंडी का निर्माण भी पूरा हो चुका है। बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 33 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए गए और ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। साथ ही क्षेत्र की अधिकांश सड़कों का निर्माण और मरम्मत कराई गई।
ट्रैफिक और सड़क चौड़ीकरण पर काम
उन्होंने बताया कि पडरौना शहर में ट्रैफिक और जाम एक बड़ी समस्या है। इसे ध्यान में रखते हुए कुशीनगर-पडरौना बाईपास और शहर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी को भी जल्द दूर करने की जरूरत बताई गई।
टिकट को लेकर क्या बोले विधायक
आगामी चुनाव में टिकट को लेकर पूछे गए सवाल पर विधायक ने कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का अधिकार है। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को हल करने और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने की कोशिश की है।
कटकुईया चीनी मिल पर पहल
कटकुईया चीनी मिल के मामले पर उन्होंने कहा कि यह पुराना और जटिल मुद्दा है, जिसे कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर सुलझाने की कोशिश जारी है। साफ जमीन का अधिग्रहण कर वहां उद्योग स्थापित करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। साथ ही किसानों का बकाया गन्ना भुगतान दिलाने के लिए भी पहल की जा रही है।
अपने काम को नंबर देने पर जवाब
अपने काम को 10 में से कितने नंबर देंगे, इस सवाल पर विधायक ने कहा कि अपने काम का मूल्यांकन करना उनका काम नहीं है। यह फैसला जनता ही करेगी कि उनके कार्यों को कितने अंक मिलने चाहिए।
