
भारत में अगली जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे इस बार पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। Government of India के तहत आयोजित इस जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है। यह भारत के इतिहास की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें नागरिक खुद भी ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
Mritunjay Kumar Narayan के अनुसार, जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें मकानों और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। शुरुआती 15 दिनों में लोग खुद पोर्टल या मोबाइल ऐप (iOS और Android) के जरिए अपनी जानकारी भर सकते हैं। यह ऐप 16 भाषाओं में उपलब्ध है और इसमें दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन जानकारी नहीं दे पाता, तो तय समय के बाद गणना कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे। दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के लिए करीब 30 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है और लगभग 11,718 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इस बार की जनगणना में कुछ नए पहलू भी जोड़े गए हैं। उदाहरण के तौर पर, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों को भी पारिवारिक संरचना के तहत शामिल किया जाएगा। साथ ही जातिगत आंकड़े भी इकट्ठा किए जाएंगे।
सरकार द्वारा कुल 33 सवाल तैयार किए गए हैं, जिनका जवाब नागरिकों को देना अनिवार्य होगा। इनमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, जाति, शिक्षा, पेयजल, बिजली, शौचालय, इंटरनेट, वाहन और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी शामिल है।
जनगणना अलग-अलग राज्यों में अलग तारीखों पर शुरू हो रही है। पहले चरण में Delhi, Karnataka, Odisha, Sikkim समेत कुल 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 अप्रैल से गिनती शुरू हो चुकी है। इसके बाद अन्य राज्यों में चरणबद्ध तरीके से अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच जनगणना कराई जाएगी। Uttar Pradesh में यह प्रक्रिया 7 मई से शुरू होगी।
हालांकि West Bengal में अभी जनगणना की तारीख तय नहीं हुई है, जिससे वहां के लोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी जानकारी तैयार रखें, ताकि जनगणना प्रक्रिया सुचारु और सटीक तरीके से पूरी की जा सके।
