हिमाचल के रामपुर से विधायक नंद लाल का निधन, लंबे समय से चल रहा था इलाज; राजनीतिक जगत में शोक

हिमाचल प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक नंद लाल का निधन हो गया है। वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही रामपुर सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। नंद लाल के निधन से प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी दुख की लहर है।
जानकारी के मुताबिक, विधायक नंद लाल किडनी और प्रोस्टेट संबंधी बीमारियों से लंबे समय से परेशान थे। कई वर्षों से उनका डायलिसिस भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि मंगलवार को अचानक उनकी हृदय गति कम हो गई थी। इसके बाद उन्हें पहले जीएमसी में भर्ती कराया गया और फिर दोपहर करीब 3 बजे चमियाणा अस्पताल शिफ्ट किया गया। हालांकि, डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जताया शोक
विधायक नंद लाल के निधन पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल का निधन बेहद दुखद है। वह अपने सिद्धांतों पर कायम रहने वाले और पार्टी के प्रति समर्पित नेता थे। सार्वजनिक जीवन में समाज के लिए किए गए उनके कार्यों और स्पष्ट विचारों को हमेशा याद किया जाएगा।
सीएम सुक्खू ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में हिम्मत देने की प्रार्थना भी की।
लगातार चार बार रामपुर से बने विधायक
नंद लाल हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक अनुभवी नेता के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने रामपुर विधानसभा क्षेत्र का लगातार चार बार प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2007 में उन्होंने पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा।
वह हिमाचल प्रदेश के सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता था। इसके अलावा कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के समर्थक नेताओं में भी उनकी गिनती होती थी।
ITBP और SPG में भी दे चुके थे सेवाएं
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की थी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में अपनी सेवाएं दी थीं।
उनका सुरक्षा सेवाओं से भी जुड़ा लंबा अनुभव रहा। वर्ष 1985 में वह विशेष सुरक्षा समूह (SPG) से जुड़े और 1997 तक इस समूह में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं। उनके अनुभव में 1982 के एशियाई खेल और 1983 में नई दिल्ली में आयोजित गुटनिरपेक्ष देशों की बैठक जैसे बड़े आयोजन भी शामिल रहे।
2007 में नौकरी छोड़कर शुरू किया राजनीतिक सफर
सरकारी सेवा में लंबे समय तक काम करने के बाद नंद लाल ने वर्ष 2007 में ITBP से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और कांग्रेस के टिकट पर रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे। पहली ही बार में जीत दर्ज कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की।
इसके बाद लगातार चार विधानसभा चुनाव जीतकर उन्होंने क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पहचान बनाई। उनके निधन से रामपुर विधानसभा क्षेत्र ने अपना एक अनुभवी जनप्रतिनिधि खो दिया है। उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में शोक व्याप्त है।
