UP चुनाव से पहले ओवैसी का बड़ा ऐलान, गठबंधन के लिए तैयार AIMIM

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की रणनीति पर बात की है। उन्होंने कहा कि AIMIM यूपी में गठबंधन के विकल्प को लेकर प्रयास कर रही है और समान विचार रखने वाले दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है।
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि वह उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार की वापसी नहीं चाहती। उन्होंने विपक्षी दलों से साथ आने की अपील करते हुए गठबंधन बनाने की बात कही।
उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां भी AIMIM की ओर से विपक्षी दलों के साथ गठबंधन का प्रस्ताव रखा गया था। उनके मुताबिक, पार्टी ने बिहार में छह सीटों की मांग की थी, लेकिन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। ओवैसी ने यह भी कहा कि इसके बावजूद सीमांचल क्षेत्र के मतदाताओं ने उनकी पार्टी के लिए समर्थन बनाए रखा।
अभी तय नहीं है कितनी सीटों पर उतरेगी AIMIM
यूपी विधानसभा चुनाव में AIMIM कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, इस सवाल पर ओवैसी ने कहा कि अभी इस बारे में संख्या बताना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी उत्तर प्रदेश में अपना जनसंपर्क अभियान आगे बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में कई जगहों पर सभाएं आयोजित की जाएंगी।
ओवैसी के मुताबिक, 20 सितंबर को कानपुर में AIMIM की जनसभा प्रस्तावित है। इसके बाद श्रावस्ती और आजमगढ़ में भी कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद हर सप्ताह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी की गतिविधियां जारी रहेंगी।
उन्होंने दोहराया कि AIMIM यूपी में गठबंधन की संभावनाओं पर काम कर रही है। उनका कहना है कि यदि समान राजनीतिक रुख रखने वाले दल साथ आते हैं तो उनकी पार्टी गठबंधन का हिस्सा बनने के लिए तैयार है।
बिहार में गठबंधन के प्रस्ताव का भी किया जिक्र
ओवैसी ने बिहार का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने वहां भी विपक्षी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की पेशकश की थी। उन्होंने छह विधानसभा सीटों की मांग रखे जाने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में AIMIM के चार विधायकों के दूसरे दल में जाने के बावजूद पार्टी ने गठबंधन की पेशकश की थी। ओवैसी के मुताबिक, बाद में सीमांचल क्षेत्र में उनकी पार्टी को दोबारा समर्थन मिला।
UCC को लेकर भी ओवैसी ने जताई आपत्ति
ओवैसी ने समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code (UCC) के मुद्दे पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राज्यों में लागू या प्रस्तावित UCC के प्रावधानों में काफी समानता है और इसे लेकर उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लागू UCC के साथ गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में सामने आए प्रावधानों की तुलना की जानी चाहिए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि इन कानूनों के जरिए मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत और धार्मिक मामलों पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25, 26 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों से जुड़े इन प्रावधानों को ध्यान में रखकर UCC पर चर्चा होनी चाहिए। UCC को लेकर ओवैसी की ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक रुख और आपत्ति के तौर पर सामने आई हैं।
यूपी में चुनावी गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए AIMIM ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से कानपुर में 20 सितंबर की सभा की जानकारी भी सार्वजनिक की गई है।
फिलहाल AIMIM ने उत्तर प्रदेश में कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का अंतिम आंकड़ा घोषित नहीं किया है। ओवैसी ने भी कहा है कि सीटों की संख्या के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी की आगे की रणनीति गठबंधन को लेकर होने वाली बातचीत और चुनावी तैयारियों के साथ स्पष्ट हो सकती है।
