मनौना धाम अपहरण मामले में चौंकाने वाले खुलासे, नवजात तस्करी के बड़े नेटवर्क की आशंका
बरेली के आंवला स्थित मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार मुख्य आरोपी से पूछताछ में कथित तौर पर नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले में सामने आए सभी नामों और आरोपों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी उत्तम वाजपेयी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के संपर्क में था और इस नेटवर्क के जरिए बच्चों को अलग-अलग स्थानों पर बेचने का प्रयास किया जाता था।
मनौना धाम से हुआ था बच्चे का अपहरण
घटना 24 मई की है, जब मनौना धाम परिसर में खेल रहा डेढ़ वर्षीय बच्चा अचानक लापता हो गया। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बच्चे की तलाश के लिए सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और हजारों मोबाइल नंबरों की जांच की गई।
लगातार कई दिनों तक चले अभियान के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद जांच की कड़ियां मुख्य आरोपी तक पहुंचीं।
पूछताछ में सामने आए नए दावे
गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि नवजात बच्चों को खरीदने और बेचने का काम संगठित तरीके से किया जाता था। उसने कुछ लोगों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों के नाम भी बताए हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयानों का सत्यापन किया जा रहा है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि आर्थिक लाभ के लालच में वह इस अवैध गतिविधि में शामिल हुआ। उसके दावों के आधार पर कई स्थानों पर जांच तेज कर दी गई है।
मेडिकल संस्थानों की भूमिका की भी जांच
मामले में कुछ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के नाम सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा चिकित्सा संस्थानों तक बढ़ा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और साक्ष्यों के आधार पर ही किसी की भूमिका तय की जाएगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। पुलिस संबंधित दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमें गठित की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके संपर्कों की भी जांच हो रही है। जांच एजेंसियों का उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर इसमें शामिल सभी लोगों तक पहुंचना है।
अधिकारियों का कहना है कि अब तक सामने आए तथ्यों की गहन जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
