किसानों की मांग- 300 यूनिट बिजली फ्री करे सरकार, महंगाई और बिजली खर्च से बढ़ी परेशानी

Unnao के आजाद नगर बाजार में आयोजित किसान बैठक में किसानों और आम उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। बैठक में मौजूद किसान नेताओं ने बढ़ती महंगाई, खेती की बढ़ती लागत और लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों को लेकर सरकार से राहत देने की अपील की।
बैठक में किसान आंदोलन के प्रदेश संयोजक अजय अनमोल समेत कई किसान नेता और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि देश के कई राज्यों में लोगों को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश के किसानों और आम जनता को अब तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
अजय अनमोल ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, लेकिन सुविधाओं के मामले में अलग-अलग राज्यों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। उनका कहना था कि जहां कुछ राज्यों में किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों में बड़ी राहत दी जा रही है, वहीं उत्तर प्रदेश में महंगे बिजली बिलों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बैठक में किसानों ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। डीजल, खाद, बीज और सिंचाई पर होने वाला खर्च किसानों की कमर तोड़ रहा है। सिंचाई के लिए बिजली सबसे जरूरी जरूरत बन चुकी है, लेकिन महंगी बिजली दरों के कारण छोटे और मध्यम किसान आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की मूल समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। उनका कहना था कि अगर बिजली दरों में राहत नहीं दी गई और 300 यूनिट मुफ्त बिजली की मांग पर फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। घरेलू बिजली बिल और खेती दोनों का खर्च बढ़ने से लोगों का बजट बिगड़ रहा है। ऐसे में सरकार को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सभा के दौरान खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई संकट और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
बैठक में लल्लन शर्मा, सुमित शुक्ला, कारण त्रिवेदी, प्रदीप निषाद, रमेश कुशवाहा और पुनीत अवस्थी सहित कई किसान और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
