AAP में टूट की आहट तेज: Raghav Chadha सहित 7 सांसद BJP का रुख करेंगे? सामने आईं 5 बड़ी वजहें

राजनीतिक गलियारों में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां Raghav Chadha ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने का ऐलान कर दिया। उनके साथ राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी से अलग होने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की घोषणा की। इसे AAP के इतिहास की सबसे बड़ी टूट माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कुल सात राज्यसभा सांसद इस फैसले के साथ BJP में शामिल होने की तैयारी में हैं। इस घटनाक्रम के पीछे कई कारण बताए गए हैं, जिन्हें खुद नेताओं ने सार्वजनिक किया।
1. मूल विचारधारा से भटकने का आरोप
राघव चड्ढा ने कहा कि AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से दूर हो चुकी है। उनके मुताबिक, जिस पार्टी को उन्होंने वर्षों तक मजबूत किया, वह अब जनहित से ज्यादा निजी हितों पर ध्यान दे रही है।
2. कार्यकर्ताओं की अनदेखी
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अब मेहनती कार्यकर्ताओं और नेताओं को महत्व नहीं दे रही। दिल्ली और पंजाब समेत कई राज्यों में पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान देने वालों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
3. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व से प्रभावित
चड्ढा ने Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। उनका कहना है कि देशहित में काम करने के लिए उन्होंने नया राजनीतिक रास्ता चुना है।
4. ‘गलत पार्टी में सही व्यक्ति’ होने का एहसास
उन्होंने कहा कि उन्हें लंबे समय से महसूस हो रहा था कि वे गलत जगह पर हैं। यही कारण रहा कि उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया। संदीप पाठक ने भी इस फैसले को कठिन लेकिन जरूरी बताया।
5. पार्टी के भीतर अलग-थलग पड़ना
राघव चड्ढा ने संकेत दिया कि पिछले कुछ समय से उन्हें पार्टी में किनारे किया जा रहा था। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से ही उनके अलग होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
इस पूरे घटनाक्रम में जिन अन्य सांसदों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी शामिल बताए जा रहे हैं।
AAP के संस्थापक और दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal के लिए यह बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि राज्यसभा में पार्टी की संख्या पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
फिलहाल, यह मामला देश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है और आने वाले समय में इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
