चुनाव से पहले लगे आरोपों पर भड़के हिमंत सरमा, ECI के खिलाफ PIL दायर करने का फैसला

Himanta Biswa Sarma ने Election Commission of India के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि असम विधानसभा चुनाव 2026 के बाद वे चुनाव आयोग के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे।
सीएम सरमा का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले उनके और उनकी पत्नी के खिलाफ झूठे दस्तावेज और आरोप सामने लाए गए, जिनका उद्देश्य चुनाव परिणामों को प्रभावित करना था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चुनाव के बाद ये आरोप झूठे साबित होते हैं, तो क्या चुनाव फिर से कराए जाएंगे, क्योंकि ऐसे मामलों में हुए नुकसान की भरपाई संभव नहीं होती।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित PIL में यह मांग की जाएगी कि अगर कोई राष्ट्रीय राजनीतिक दल चुनाव को प्रभावित करने के लिए फर्जी आरोप या दस्तावेजों का इस्तेमाल करता है और बाद में वे गलत साबित होते हैं, तो उस पार्टी का पंजीकरण रद्द किया जाना चाहिए।
सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे यह याचिका व्यक्तिगत स्तर पर दाखिल करेंगे। उनका कहना है कि यह कदम लोकतंत्र की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।
इसके अलावा उन्होंने चुनाव आयोग से यह भी मांग की कि वह स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे, जिनमें यह तय हो कि यदि कोई राजनीतिक दल चुनाव के दौरान डीपफेक या भ्रामक सामग्री का उपयोग करता है और वह साबित हो जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि भविष्य में, खासकर 2029 के आम चुनावों से पहले, इस तरह के हमले और बढ़ सकते हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सख्त नियमों की जरूरत है।
