ईरान मुद्दे पर ट्रंप का बयान: प्रदर्शनकारियों के लिए भेजे हथियार कुर्दों के कब्जे में

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को हथियार मुहैया कराए थे। उनका कहना है कि ये हथियार कुर्द लड़ाकों के जरिए भेजे गए थे, लेकिन बाद में उन्हीं के पास रह गए।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए बड़ी संख्या में हथियार भेजे गए थे, लेकिन उन्हें अपेक्षित तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने संकेत दिया कि कुर्द समूहों ने इन हथियारों को अपने पास ही रख लिया।
ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से जुड़ा मामला माना जा रहा है।
कुर्द समुदाय, जिसका जिक्र ट्रंप ने किया, दुनिया के सबसे बड़े बिना स्वतंत्र राष्ट्र वाले जातीय समूहों में से एक है। ये लोग मुख्य रूप से Turkey, Iran, Iraq और Syria में फैले हुए हैं। इनकी आबादी करोड़ों में है और इनकी अपनी भाषा व सांस्कृतिक पहचान है।
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि ईरान सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की हत्या की। उन्होंने दावा किया कि हजारों प्रदर्शनकारियों को मार दिया गया, हालांकि इस पर आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं और अलग-अलग स्रोतों में अलग-अलग संख्या बताई जाती रही है।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर सख्त चेतावनी दी हुई है। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमलों को और तेज कर सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पहले से ही तनावपूर्ण माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और वैश्विक राजनीति में इसके असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
