“महाराष्ट्र-हरियाणा जैसा प्रयोग बंगाल में भी करना चाहती है BJP”, I-PAC दफ्तर में ED कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी का हमला

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज होता दिख रहा है। कथित कोयला तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से I-PAC कार्यालय में की गई छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताते हुए केंद्र और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए।
BJP पर ममता का तीखा हमला
ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में सत्ता हासिल करने के लिए वही रणनीति अपना रही है, जो उसने महाराष्ट्र और हरियाणा में अपनाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर स्थानीय लोगों को परेशान किया जा रहा है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी नहीं छोड़ा जा रहा, लोगों के दस्तावेज लिए जा रहे हैं लेकिन रसीद तक नहीं दी जा रही।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बेहद समर्पित हैं और ऐसे हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। BLO के जरिए घर-घर जाकर लोगों को परेशान किया जा रहा है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
“BJP जैसी पार्टी पहले कभी नहीं देखी”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई बंगाली भाषा में बात करता है, तो उसे बांग्लादेशी करार दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर रोहिंग्या वास्तव में हैं, तो असम में SIR क्यों नहीं शुरू किया गया। म्यांमार से आने वाले रोहिंग्या पहले पूर्वोत्तर राज्यों से होकर गुजरते हैं, फिर भी निशाना सिर्फ बंगाल को बनाया जा रहा है।
चुनाव आयोग और केंद्र पर भी आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वोटरों के अधिकार छीने जा रहे हैं और ईसीआई केंद्र के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई केंद्रीय योजनाओं का पैसा रोका गया है, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
सांसदों से बदसलूकी और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
ममता ने दावा किया कि उनकी पार्टी के सांसदों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बंगाल में कभी हिंदी भाषियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ।
विरोध प्रदर्शन और हिरासत
ED की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान राजनीतिक कंसल्टेंसी से जुड़े अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए।
कुल मिलाकर, ED की कार्रवाई के बाद बंगाल की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है और आने वाले दिनों में सियासी घमासान और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
