महोबा में कजली मेले के सात दिवसीय सांस्कृतिक मंच का भव्य शुभारंभ: केवट संवाद नाटक और लोक गायन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा – महोबा समाचार

महोबा में कजली मेले के सात दिवसीय सांस्कृतिक मंच का भव्य शुभारंभ बीती रात हुआ। इस आयोजन का आयोजन महोबा संरक्षण एवं विकास समिति द्वारा किया गया, जिसका उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी और जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया।
देर रात तक चले कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह समेत जिले के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. संतोष चौरसिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का औपचारिक आरंभ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत संत जोसेफ स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा माँ चंद्रिका की वंदना से हुई। इसके बाद लोक गायिका संगीता तिवारी ने पारंपरिक लोक गीतों की मधुर प्रस्तुति दी। उमाशंकर सेन और बृजेंद्र कुमार के आल्हा गायन ने बुंदेलखंड की वीरता का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया। अबोध सोनी, संगीता चार्य एवं उनकी टीम ने स्वागत गीत से माहौल को और खास बनाया।
इस सांस्कृतिक आयोजन का मुख्य आकर्षण लखनऊ की टीम ज्ञानेश्वर ज्ञानी द्वारा प्रस्तुत नाटक “मन मन में राम” था। इस नाट्य प्रस्तुति में केवट संवाद के माध्यम से राम, लक्ष्मण और सीता के वनवास के दौरान केवट से भेंट की कथा दर्शाई गई। नाटक में केवट की ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता को दर्शाते हुए प्रभु राम के चरण धोने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। आशीष सिंह, गुलशन यादव, संदीप देव, विशाल श्रीवास्तव, प्रियंका भारती और निरुपमा राहुल ने नाटक में बेहतरीन अभिनय किया।
सरिता यादव की टीम ने लोकगीत “पिया मेहदी लिया दे मोतीझील से जाके साइकिल से…” की प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों के दिलों को छू लिया। यह सांस्कृतिक मंच बुंदेलखंड की समृद्ध लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत करता है। कार्यक्रम देर रात तक चला और सभी मौजूद लोगों ने इसका भरपूर आनंद उठाया।
कजली मेला महोबा की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने और स्थानीय कला को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। यह सात दिन का उत्सव जिले की सांस्कृतिक प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ता है और भविष्य में इसे और भी भव्य बनाने की उम्मीद जगाता है।