एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पर महुआ मोइत्रा का हमला, पूछा- 2024 का कानून सफल था तो नया संशोधन क्यों?

लोकसभा में एंटी पेपर लीक (संशोधन) विधेयक 2026 पारित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में इसी विषय पर कानून बनाया गया था, ऐसे में यदि वह प्रभावी ढंग से लागू हुआ होता तो दोबारा संशोधन लाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि उनकी पार्टी और विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध नहीं किया, क्योंकि यह देश के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने वाले हर कदम का समर्थन किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को केवल नया कानून लाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन मुद्दों पर भी जवाब देना चाहिए जो छात्रों के आंदोलन और उनके साथ हुए व्यवहार से जुड़े हैं। महुआ मोइत्रा ने मांग की कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा की जाए और पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्री सदन में विस्तृत बयान दें।
टीएमसी सांसद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बात पूरी करने का अवसर नहीं मिला और उनके भाषण के दौरान लगातार व्यवधान पैदा किया गया। उनके अनुसार, उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया, जबकि वह किसी व्यक्ति विशेष के बजाय एक व्यापक संदर्भ में अपनी बात रख रहे थे।
महुआ मोइत्रा का कहना था कि संसद में गंभीर विषयों पर शांतिपूर्ण और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, लेकिन हंगामे के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक बहस नहीं हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की बात सुनने के बजाय लगातार व्यवधान उत्पन्न किया गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने दोहराया कि पेपर लीक का मुद्दा देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उनके मुताबिक, केवल कानून में संशोधन करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने की भी आवश्यकता है।
