यमुना किनारे तबाही के निशान: पिचिंग बहने से शुरू हुआ कटान, कई घर जमींदोज – 40 परिवारों पर संकट

हमीरपुर में यमुना नदी की बाढ़ ने मेरापुर और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। नदी किनारे कराया गया पिचिंग कार्य बाढ़ की तेज धारा में बह गया, जिसके बाद कटान तेजी से बढ़ गया। कटान की चपेट में आने से कई कच्चे मकान ढह गए और परिवार बेघर हो गए।

प्रभावित लोग अब खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं, जबकि कुछ लोग आधे-अधूरे और जर्जर मकानों में रह रहे हैं। करीब तीन साल पहले मौदहा बांध विभाग की निगरानी में यमुना और बेतवा नदी किनारे पिचिंग कराया गया था ताकि गांव कटान से सुरक्षित रहें। लेकिन अगस्त में आई दो बाढ़ लहरों ने पूरी पिचिंग बहा दी, जिससे हालात और बिगड़ गए।

मेरापुर निवासी राजू भटनागर ने बताया कि उनका घर पूरी तरह ढह गया है और अब उनके पास रहने की कोई जगह नहीं बची। वहीं फूलकली नाम की ग्रामीण महिला ने कहा कि अब तक आधा दर्जन घर गिर चुके हैं और लगभग 35–40 मकान खतरे में हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिचिंग कार्य में लापरवाही बरती गई थी, जिस वजह से आज लोग बेघर हो रहे हैं। प्रभावित परिवारों की मांग है कि प्रशासन तुरंत कटान रोकने के लिए ठोस कदम उठाए और बेघर हुए लोगों को राहत और सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराए।

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