अंबेडकरनगर अस्पताल में नई जांच मशीनें और 40‑बेड डायलिसिस सुविधा जल्द शुरू होगी

अंबेडकरनगर के जिला चिकित्सालय परिसर स्थित एमसीएच विंग में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां जल्द ही आधुनिक जांच मशीनें स्थापित की जाएंगी और एक नई अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब शुरू की जाएगी। साथ ही डायलिसिस यूनिट का भी विस्तार कर 40 बेड किया जाएगा।

एमसीएच विंग में बनेगी आधुनिक पैथोलॉजी लैब

नई लैब के शुरू होने से महिलाओं से संबंधित जांचें—जैसे प्रसव पूर्व अल्ट्रासाउंड, हीमोग्लोबिन और मधुमेह की जांच—एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। वर्तमान में ये जांचें संयुक्त चिकित्सालय की इंटीग्रेटेड लैब में कराई जाती हैं, जहां अधिक भीड़ के कारण प्रसूताओं को रिपोर्ट मिलने में देरी होती है। नई व्यवस्था से जांच और रिपोर्ट समय पर मिल सकेंगी, जिससे उपचार में तेजी आएगी।

डायलिसिस यूनिट का होगा विस्तार

गुर्दा रोगियों के लिए बड़ी राहत के रूप में डायलिसिस वार्ड को 18 बेड से बढ़ाकर 40 बेड किया जाएगा। इसमें हेपेटाइटिस और एड्स पॉजिटिव मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड भी बनाया जाएगा। इसके लिए कोविड काल में बने 42 बेड के खाली भवन का उपयोग किया जाएगा।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। डायलिसिस यूनिट का संचालन डीसीडीसी नामक निजी संस्था द्वारा किया जाएगा।

बढ़ रही है प्रसव की संख्या

निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों पर सख्ती और प्रसूताओं की मौत के मामलों के बाद जिला अस्पताल में प्रसव की संख्या में वृद्धि हुई है। यहां जांच और प्रसव को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीएन यादव ने बताया कि एमसीएच विंग की उपयोगिता को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि जच्चा-बच्चा को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी चिकित्सीय सुविधाएं मिल सकें। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि मरीजों को समय पर जांच, उपचार और दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

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